क्या आपकी आलोचना दूसरों को आपसे दूर कर रही है?

मुख्य विचार: आज मैंने 'लोक व्यवहार' (Dale Carnegie) के पन्नों में एक कड़वा सच पढ़ा। लेखक बताते हैं कि जेल में बंद खूंखार अपराधी भी खुद को 'नेक दिल' मानते थे। जब अपराधी अपनी गलती नहीं मानते, तो हमारे आसपास के लोग कैसे मानेंगे?
Rohit Kumar का विश्लेषण:
करियर में सफल होने के लिए हमें "शिकायत करने वाले" (Complainer) के बजाय "समाधान देने वाला" (Solution provider) बनना होगा। आज से मेरा संकल्प है: "मैं किसी की आलोचना नहीं करूँगा।" लोगों को सुधारने के बजाय उन्हें समझने की कोशिश करना ही असली लीडरशिप है।
लेखक परिचय (About the Author):
डेल कारनेगी (Dale Carnegie) को आधुनिक 'सॉफ्ट स्किल्स' और 'पर्सल्फ-हेल्प' का पितामह माना जाता है। उनकी यह किताब पिछले 80+ सालों से दुनिया भर के सीईओ और लीडर्स की पहली पसंद रही है।

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